
बाहर बादलों की गड़गड़ाहट और भी तेज़ हो गई थी। रिया ने अपनी टी-शर्ट का ऊपर वाला बटन खोल दिया था, जिससे उसके गोरे गले के नीचे की ढलान साफ़ दिखने लगी थी। कमरे में उमस बढ़ रही थी, और उस उमस में रिया के जवान बदन की महक मेरे दिमाग पर हावी होने लगी।
मैंने गहरी सांस ली और किताब की तरफ देखते हुए कहा, "रिया, पढ़ाई पर ध्यान दो। ये सब क्या बकवास है?"
वो धीरे से मुस्कुराई और अपनी कुर्सी मेरे और करीब ले आई। अब उसकी जांघ मेरी पैंट से रगड़ खा रही थी। उसने अपनी किताब बंद की और मेज़ पर अपनी कोहनियां टिकाकर मेरी तरफ झुक गई। उसके टी-शर्ट के खुले बटन से उसकी काली ब्रा की लेस साफ़ झलक रही थी।
"सर, पढ़ाई तो रोज़ होती है... आज कुछ अलग सीखते हैं न?" उसने अपनी आवाज़ को और भी नशीला बना लिया था।
मेरा हाथ कांप रहा था। मैंने पेन पकड़ा हुआ था, तभी रिया ने अपना हाथ धीरे से मेरी जांघ पर रखा। "सर, आपकी ये नसें कितनी सख्त हैं... क्या आपका गुस्सा भी इतना ही सख्त होता है?"
मैंने उसका हाथ झटकने की कोशिश की, लेकिन उसने पकड़ और मज़बूत कर ली। उसका हाथ मेरी जांघ से ऊपर खिसक कर सीधे मेरे लंड के उभार पर जा टिका। जैसे ही उसकी उंगलियों ने मेरे सख्त होते हुए औजार को छुआ, मेरे मुँह से एक दबी हुई आह निकल गई।
"रिया... ये गलत है, तुम्हारे मम्मी-पापा बाहर हैं..." मैंने कमज़ोर आवाज़ में कहा।
"कोई नहीं है सर, सब पड़ोस वाली शादी में गए हैं। घर में सिर्फ मैं और आप हैं... और ये बारिश।"
उसने अपनी कुर्सी छोड़ी और मेरे पैरों के बीच ज़मीन पर घुटनों के बल बैठ गई। उसकी आँखें सीधे मेरी आंखों में थी, और हाथ मेरे जिप को टटोल रहा था। उसने धीरे से जिप नीचे की और मेरा आधा खड़ा हुआ लंड बाहर निकाल लिया।
"उफ़्फ़... सर, ये तो अभी से इतना गर्म है," उसने अपनी जीभ बाहर निकाली और मेरे लंड की टोपी को हल्के से चाटा।
मेरे दिमाग की नसें फटने लगीं। मैंने उसके बालों को मुट्ठी में जकड़ा और उसका सर अपने लंड की तरफ और जोर से दबाया। "साली... आज तू पिटना चाहती है न? तो ठीक है, आज तुझे ऐसी सजा दूंगा जो तू कभी नहीं भूलेगी!" 🥵🔥💦
अब सजा का असली दौर शुरू होगा! 😈🍌🍑












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